शुगर में दही खा सकते हैं क्या?HealthPlanet

Posted on Mon 28th Nov 2022 : 15:28


शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं : डायबिटीज में दही खाने के फायदे और नुकसान

डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खाद्य पदार्थों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिनसे परहेज की जरूरत होती है और कुछ जिन्हें आहार में शामिल करना होता है। दही भी ऐसे ही पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक है। ऐसे में शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि डायबिटीज में दही खा सकते हैं या नहीं तो इस लेख को जरूर पढ़ें। इस लेख में हम मधुमेह के लिए दही से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं?

जो लोग सोच रहे हैं कि शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं? उन्हें बता दें कि वे डायबिटीज में दही खा सकते हैं। इस समय दही खाने पर डायबिटीज के कुछ लक्षणों से राहत मिल सकती हैं। दरअसल, दही के नियमित सेवन से शुगर लेवल कम हो सकता है। साथ ही इसमें कार्ब्स कम होते हैं और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती हैं, जो मधुमेह की स्थिति में कुछ हद तक सुधार कर सकते हैं। इसके आलावा, दही का ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो शुगर लेवल को बढ़ने नहीं देता है। बता दें कि अपने आहार में प्लेन दही को लेना चाहिए और फ्लेवर्ड दही लेने से बचना चाहिए।
दही पोषक तत्वों का खजाना होता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जिनमें ये शामिल है।

पोषक तत्व


मूल्य प्रति 100 g

पानी


87.9 g

ऊर्जा


61 kcal

प्रोटीन


3.47 g

टोटल लिपिड (फैट)


3.25 g

कार्बोहायड्रेट


4.66 g

शुगर


4.66 g

कैल्शियम


121 mg

आयरन


0.05 mg

मैग्नीशियम


12 mg

फॉस्फोरस


95 mg

पोटैशियम


155 mg

सोडियम


46 mg

सेलेनियम


2.2 µg

विटामिन सी


0.5 mg

विटामिन बी-6


0.032 mg

फोलेट


7 µg

विटामिन बी- 12


0.37 µg

विटामिन ए


27 µg

फैटी एसिड्स, टोटल सैचुरेटेड


2.1 g

फैटी एसिड्स, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड


0.893 g

फैटी एसिड्स, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड


0.092 g
डायबिटीज में दही खाने के फायदे
मधुमेह में दही खाने से इसमें मौजूद पोषक तत्व कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकते हैं, जो मधुमेह की स्थिति को बेहतर करने में सहायता कर सकते हैं।

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स

दही मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जो इसे डायबिटिक्स के अनुकूल बनाता है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि नहीं होती है। साथ ही यह इंसुलिन सेंसिटिविटी के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो मधुमेह की स्थिति को बेहतर कर सकता है।

वजन संतुलित रखे

मधुमेह में दही खाने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है, जो डायबिटीज की स्थिति में सुधार कर सकता है। दरअसल, वजन बढ़ने से डायबिटीज की समस्या गंभीर होने लगती है। ऐसे में वजन को नियंत्रण में रखकर डायबिटीज को मैनेज किया जा सकता है। हालांकि, ध्यान रहे कि लो फैट दही का ही सेवन करें।

पाचन में सुधार

दही और मधुमेह के बीच अनोखा संबंध है, क्योंकि यह मधुमेह के लक्षण को कम कर सकता है। दरअसल, दही में प्रोबायोटिक्स (Probiotics) होते हैं, जो लैक्टोज (शुगर का एक प्रकार) के पाचन में मदद करते हैं। इससे पाचन संबंधी समस्या ठीक होने के साथ ही शुगर लेवल भी कम हो सकता है।

योनि संक्रमण से बचाव

मधुमेह में दही खाने के फायदे योनि के संक्रमण से राहत दिलाने के लिए हो सकता है। दरअसल, डायबिटीज में पेशाब के साथ शुगर भी बाहर निकलता है, जो योनि के संक्रमण का जोखिम बढ़ा देता है। दही एक प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ है, जो बैक्टीरिया इन्फेक्शन के जोखिम को कम कर सकता है। इससे योनि के संक्रमण के जोखिम को दूर रखा जा सकता है।

पोषक तत्व से समृद्ध

मधुमेह की स्थिति में शरीर को प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। दही के सेवन से इन पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है, जिससे कि इन पोषक तत्वों की कमी से होने वाले समस्याओं को दूर रखा जा सकता है। इसलिए, दही मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा है।
डायबिटीज में कब और कितना दही खाएं?

कब खाएं :

कुछ लोग यह सोचते हैं कि शुगर में दही कब खाना चाहिए, तो उन्हें बता दें कि वे दिन के किसी भी समय दही का सेवन कर सकते हैं।
वहीं, दही को रात के समय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

कितना खाएं :

डायबिटीज की स्थिति में रोजाना दो छोटी कटोरी दही का सेवन कर सकते हैं।
एक समय में एक बार में एक कटोरी दही का ही सेवन करें।
आप दिन में 2 बार दही का सेवन कर सकते हैं।

नोट : दही का सेवन करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि उसमें अतिरिक्त शुगर न मिला हो। साथ ही फ्लेवर्ड और फैट युक्त दही के सेवन की जगह प्लेन दही या लो फैट दही खा सकते हैं।
दही को आहार में शामिल करने के तरीके

डायबिटिक्स दही को आहार में कई तरह से शामिल कर सकते हैं, जिससे कि इसके स्वाद से बोर हुए बिना इसके पोषक तत्वों के फायदे उठाए जाएं। मधुमेह में दही को कुछ इस तरह अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

दही को ऐसे ही बिना किसी सामग्री के मिश्रण के खा सकते हैं।
इसे रायता बनाकर खा सकते हैं।
दही का छाछ बनाकर भी पी सकते हैं।
दही को पनीर की सब्जी बनाने में इस्तेमाल कर आहार में शामिल कर सकते हैं।
दही को फलों के साथ ब्लेंड करके स्मूदी बनाकर ले सकते हैं।
लस्सी बनाकर भी दही का सेवन कर सकते हैं।

डायबिटीज में अधिक दही खाने से होने वाले जोखिम

डायबिटीज में दही खाना फायदेमंद होता है, लेकिन इसे अधिक मात्रा में लेने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। मधुमेह में अधिक दही खाने के नुकसान कुछ इस तरह के हो सकते हैं।

इसमें अच्छी मात्रा में सोडियम होता है, जिससे कि दही के अधिक सेवन से हाई बीपी या ह्रदय से जुड़ी समस्याएं हो सकती है।
अगर किसी को लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या है, तो उन्हें दही के अधिक सेवन से पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे क्रैंप्स, पेट फूलना, दस्त, आदि हो सकते हैं।
अगर किसी को डायबिटीज के साथ ही अस्थमा की समस्या है, तो वे दही के सेवन से बचें, क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है।
डायबिटीज वालों को सर्दी-जुकाम है, तो वे रात में दही का सेवन न करें। अगर रात में दही का सेवन करते हैं, तो इससे सर्दी-जुकाम बढ़ सकता है।

डायबिटीज होने पर ज्यादा परेशान होने के बजाय धैर्य से काम लें। सही उपायों और खानपान की मदद से समस्या को मैनेज करें। उम्मीद है शुगर में दही खाना चाहिए या नहीं इस सवाल का जवाब आपको हमारे इस खास ब्लॉग से मिल चुका होगा। अगर सीमित मात्रा में मधुमेह में दही का सेवन किया जाए तो यह एक लाभकारी खाद्य पदार्थ साबित हो सकता है। वहीं, अगर किसी को डायबिटीज के अलावा, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई अन्य गंभीर समस्या है तो बेहतर है मधुमेह में दही खाने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। साथ ही डायबिटीज जैसी क्रोनिक डिजीज को मैनेज करने के लिए Phablecare की मदद ले सकते हैं। हमारे वेबसाइट पर पब्लिश डायबिटीज मैनेमेंट से संबंधित अन्य लेख भी पढ़ सकते हैं।

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